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रूस-भारतीय वैज्ञानिक सम्बन्धों को बढ़ावा देने के लिए कोलकाता में नया निजी केन्द्र

अनेक शिक्षा संस्थाएँ चलाने वाली एक निजी संस्था जेआईएस ग्रुप द्वारा अपने रूसी सदस्यों के सहयोग से निजी तौर पर कोलकाता में एक उत्कृष्टता केन्द्र शुरू किया जा रहा है। इस केन्द्र की शुरूआत डिजिटल इण्डिया विषय पर आयोजित अन्तरराष्ट्रीय संगोष्ठी के दौरान 23 फ़रवरी को की जाएगी।

यह केन्द्र चार प्रमुख क्षेत्रों — शिक्षा, कौशल विकास, विज्ञान और अभिनव प्रौद्योगिकी के हस्तान्तरण के लिए काम करेगा और भारत व रूस के वैज्ञानिक और शैक्षिक संस्थानों के बीच निकट सम्पर्क स्थापित करने में योग देगा। 

यह केन्द्र दोनों देशों से विशेषज्ञ समूह के सहयोग से अभिनव उत्पादों के वाणिज्यिक इस्तेमाल को सम्भव बनाने के लिए काम करेगा भारत और रूस के सभी वैज्ञानिक और नवीन औद्योगिक संगठन इसके सदस्य बन सकेंगे। 

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रूस-भारत संवाद से बात करते हुए जेआईएस कालेज ऑफ़ इंजीनियरिंग के प्रधानाचार्य मलय दवे ने कहा — कोई सार्वजनिक या सरकारी संस्था होने की जगह यह निजी पहल पर शुरू की जा रही संस्था होगी। यह बात इस संस्था के लिए एक वरदान की तरह है। यह संस्था तमाम तरह के फ़ैसलों के लिए नौकरशाहों की दया पर निर्भर नहीं होगी। इसलिए उत्कृष्टता केन्द्र के सामने किसी तरह की कोई मजबूरी नहीं होगी और वह बड़ी आज़ादी के साथ ज़रूरी फ़ैसले कर सकेगा।    

उन्होंने कहा — हमारी इस पहल में विश्व बैंक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), उत्तर-पूर्वी राज्यों के तकनीकी शिक्षा निदेशकों तथा ओडिशा और अंण्डमान निकोबार ने गहरी दिलचस्पी दिखाई है। 

रूस की कुछ वैज्ञानिक संस्थाएँ भी हमारे इस उत्कृष्टता केन्द्र में गहरी रुचि रखती हैं। 

मास्को स्थित रूसी-भारतीय विज्ञान और तकनीकी केन्द्र की उपमहानिदेशक और इस उत्कृष्टता केन्द्र की एक प्रमुख संस्थापक ल्युदमीला कमाउख़ोवा ने रूस-भारत संवाद से कहा — रूसी नव विश्वविद्यालय (रोसनो) और मास्को के अन्तरराष्ट्रीय विधि संस्थान ने पहले ही उत्कृष्टता केन्द्र का सदस्य बनने के लिए अपनी उत्सुकता व्यक्त की है।  

ल्युदमीला कमाउख़ोवा ने कहा — कोलकाता में होने जा रही संगोष्ठी में हम इस बारे में चर्चा करेंगे कि आपस में प्रौद्योगिकी हस्तान्तरण के लिए हमें किस तरह की गतिविधियों और कार्रवाइयों का आयोजन करना चाहिए ताकि यह काम हमारी इस पहल की एक अनूठी विशेषता बन जाए। 

यह नया उत्कृष्टता केन्द्र रूसी और भारतीय विश्वविद्यालयों और शोध केन्द्रों के बीच आपसी सम्पर्कों का विकास करने और शैक्षिक आदान-प्रदान के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने में भी सहायक होगा।

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